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स्टार शिक्षा ऋण

  1. लक्ष्य व उद्देश्य:

    स्टार शिक्षा ऋण का उद्देश्य योग्य/गुणवान छात्रों को भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बैंक से वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मुख्य जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को आसान नियमों व शर्तों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाके शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाए।

  2. पात्राता मानदंड:

    1. विद्यार्थी की पात्रता :
      • वह भारतीय नागरिक हो;
      • छात्र द्वारा उच्च माध्यमिक शिक्षा (10+12 या समकक्ष) के पश्चात प्रवेश परीक्षा/मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से भारत में या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो।
      • उसका उत्तम अकादमिक करियर रहा हो
      • छात्र पर किसी अन्य संस्था का कोई बकाया शिक्षा ऋण नहीं होना चाहिए
      • माता/पिता सह-उधारकर्ता हों
      • विद्यार्थी के स्थानीय पते की नज़दीकी शाखा द्वारा ऋण पर विचार किया जाएगा।

    2. पात्र पाठ्यक्रम:

      1. भारत में अध्ययन (संकेतात्मक सूची):

        • स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री के लिए मान्यताप्राप्त पाठ्यक्रम और यूजीसी/सरकार/ एआईसीटीई (AICTE)/एआईबीएमएस (AIBMS)/आईसीएमआर (ICMR) के द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित स्नातकोत्तर डिप्लोमा।
        • पाठ्यक्रम जैसे कि आईसीडब्ल्यूए (ICWA), सीए (CA), सीएफए (CFA) आदि
        • आईआईएम (IIM), आईआईटी (IIT), आईआईएससी (IISc), एक्सएलआरआई (XLRI), एनआईएफटी (NIFT), एनआईडी (NID) और केद्र /राज्य सरकार द्वारा स्थापित किये गये अन्य संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रम।
        • नियमित डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम जैसे वैमानिक (Aeronautical), पायलेट प्रशिक्षण, शिपिंग, नर्सिंग में डिग्री/डिप्लोमा या नागर विमानन/शिपिंग/भारतीय नर्सिंग काउंसिल के महा निदेशक द्वारा अनुमोदित किसी भी अन्य विषय में डिग्री/डिप्लोमा।

      2. नोट :व्यावसायिक पाठ्यक्रम जो AICTE द्वारा अनुमोदित प्राप्त नहीं हैं और ऐसे संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे हैं जो सरकारी विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं वे इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।

      3. विदेश में अध्ययन :
        • स्नातक : प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में रोज़गार उन्मुख व्यावसायिक/तकनीकी पाठ्यक्रमों हेतु।
        • स्नातकोत्तर : एमसीए, एमबीए, एमएस आदि
        • सीआईएमए (CIMA) – लंदन, सीपीए (CPA) – अमेरिका आदि द्वारा संचालित पाठ्यक्रम।

  3. व्यय, जिनके लिए ऋण पर विचार किया जाएगा :

    • महाविद्यालय/ विद्यालय/छात्रावास* को देय शुल्क
    • परीक्षा/ पुस्तकालय/ प्रयोगशाला शुल्क।
    • पुस्तकों/उपस्करों/उपकरणों/पोशाकों (यूनिफॉर्म) का क्रय।
    • संस्थान के बिलों/रसीदों द्वारा समर्थित जमानती जमा/बिल्डिंग फण्ड/प्रतिदेय जमा।
    • विदेश में अध्ययन के लिए यात्रा व्यय/विदेश यात्रा व्यय राशि।
    • कंप्यूटरों/लैपटॉप का क्रय – पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए आवश्यक
    • विद्यार्थी /सह-उधारकर्ता की जीवन सुरक्षा के लिए जीवन बीमा प्रीमियम
    • पाठ्यक्रम पूरा करने हेतु आवश्यक कोई भी अन्य व्यय – जैसे अध्ययन यात्रा, प्रोजेक्ट कार्य, शोध लेख (थीसिस) आदि

  4. * संस्थान से प्राप्त ब्रोशर/मांग पत्र के अनुरूप

  5. वित्तपोषण की प्रमात्रा (Quantum of Finance) :

    आवश्यकता आधारित वित्तपोषण दिया जाएगा जो निम्नलिखित सीमाओं के साथ पाठ्यक्रम पूरा हो जाने के पश्चात विद्यार्थी की कमाई की क्षमता के अध्यधीन है:

    • भारत में अध्ययन – अधिकतम रु.10.00 लाख
    • विदेश में अध्ययन - अधिकतम रु.20.00 लाख

  6. मार्जिन

    रु.4 लाख तक : कोई नहीं (Nil)
    रु.4 लाख से अधिक-भारत में अध्ययन: 5%
    विदेश में अध्ययन: 15%
    मार्जिन में छात्रवृत्ति को शामिल किया जा सकता है। जब-जब संवितरण किया जाए वर्ष-दर-वर्ष आधार पर मार्जिन राशि लाई जाए।